सन्नाटो की आवाज़ो में, आवाज़ो की ख़ामोशी में
खाक सुबह हो पायेगी, जब नींद नहीं आ पाएगी
कब तक समझायें, जब खुद ही उलझे रहते हैं
इस पल उस पल हर पल, खुद ही खोये रहते हैं
न राह पता , ना साथ पता, बस चलते रहते हैं
जब खुद ही खोये बैठे हैं तो, बस ………
बस रहने देते हैं ……
बस रहने देते हैं ……
P.S. - something irrelevant, irrational, unidentified, unproved and ignorant - even I am confused !
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